Saturday, November 29, 2014

गौरी गणेश रुद्राक्ष

चन्द्रमा के औज से परिपूर्ण और माता पार्वती का विशेष आशीष लिए गौरी गणेश रुद्राक्ष निसंतान दंपतियों के लिए एक वरदान माना जाता है। इसकी आकृति कुछ ऐसी होती है जैसे एक रुद्राक्ष के ऊपर एक छोटा रुद्राक्ष उगा हो। इसे भगवान गणेश के माता पार्वती की गोद में बैठे होने का प्रतीक माना जाता है। इस रुद्राक्ष को कई जगह गर्भ गौरी रुद्राक्ष (गर्भ गौरी रुद्राक्षा) के नाम से भी जाना जाता है।
गर्भगौरी रुद्राक्ष के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ गौरी गणेशा रुद्राक्षा इन हिन्दी): बार-बार गर्भपात, गर्भ ना ठहरने जैसी समस्याओं में इस रुद्राक्ष के चमत्कारी परिणाम देखने को मिलते हैं। इस रुद्राक्ष को शुक्ल पक्ष को सोमवार के दिन प्रात:काल पूजा पाठ के बाद अभिमंत्रित कर धारण करना चाहिए।


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गौरी शंकर रुद्राक्ष

गौरी शंकर रुद्राक्ष भगवान शिव और पार्वती जी का मेल माना जाता है। जिस तरह भगवान शिव नर और पिशाचों में कोई अंतर करते हैं उसी तरह शिव अर्द्धनारीश्वर रूप धारण कर यह भी सिद्ध करते हैं कि उनके लिए स्त्री और पुरुष दोनों समान है।
गौरी शंकर रुद्राक्षा बेनिफिट्स: जिन जातकों के वैवाहिक जीवन में कोई परेशानी हो उन्हें यह अवश्य धारण करना चाहिए। यह रुद्राक्ष काम, भोग और मोक्ष तीनों की प्राप्ति कराता है। 
मॅंट्रा फॉर गौरी शंकर रुद्राक्षा: इस रुद्राक्ष को सोमवार के दिन ऊं गौरीशंकराय नम: "ओम गौरीशंकाराया नमः" मंत्र से अभिमंत्रित कर चांदी की चेन या पीले धागे की माला के रूप में गले या बाजू पर धारण करना चाहिए।



गणेश रुद्राक्ष

गणेश रुद्राक्ष (गणेश रुद्राक्षा) के नाम से जाहिर है कि इस रुद्राक्ष के इष्ट देव गणपति हैं। भगवान गणेश भौतिक संसार के समस्त सुखों को देने वाले और सभी तरह के दुखों को हरने वाले देव बताए गए हैं। 
गणेश रुद्राक्ष के लाभ (बेनिफिट्स ऑफ गणेशा रुद्राक्षा) : गणेश रुद्राक्ष को विधिवत रूप से धारण करने वाले जातक को भौतिक संसार के तीन अहम सुख धन, ख्याति और शिक्षा का आशिर्वाद मिलता है। 
गणेश रुद्राक्षा: इस रुद्राक्ष को सोमवार या बुधवार के दिन धारण करना चाहिए। इस रुद्राक्ष का बीजक मंत्र ऊं गण गनपतय नमो: नम: (ओम गण गणपत्य नामोह नमः) है।



चौदह मुखी रुद्राक्ष

रुद्राक्षों में सबसे महान रुद्राक्ष "चौदह मुखी रुद्राक्ष" को माना जाता है। यह रुद्राक्ष बेहद दुर्लभ और अत्यंत चमत्कारी शक्तियों से युक्त होता है। इस रुद्राक्ष को जो सिर पर धारण करता है वह परम पद को प्राप्त करता है। इस रुद्राक्ष में साक्षात भगवान हनुमान का वास होता है जो जातक को किसी भी परेशानी, भूत-प्रेत की बाधा आदि से मुक्ति दिलाता है। 
चौदह मुखी रुद्राक्ष का बीज मंत्र “ ऊँ नम:” है। इस मंत्र का उच्चारण करने से भगवान हनुमान का आशिर्वाद प्राप्त होता है। 
मकर राशि के जातकों को चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करना उपयोगी होगा। शनिदेव की साढ़े साती या ढ़ैय्या से प्रभावित लोगों के लिए तो यह वरदान होती है।


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तेरह मुखी रुद्राक्ष


कहा जाता है कि तेरह तरह के रत्नों को धारण करने से भी मनुष्य को वह फल नहीं मिलता जो फल तेरह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से मिलता है। तेरह मुखी रुद्राक्ष में तेरह किस्म की धारियां होती हैं। 
त्रयोदश मुखी रुद्राक्ष के लिए “ऊँ ह्रीं नम:” (Om Hreem Namah) मंत्र का जाप करना लाभकारी होता है। तुला राशि के लिए तेरह मुखी रुद्राक्ष लाभदायक होता है। 
तेरह मुखी रुद्राक्ष के फायदे (Benefits of Terah Mukhi Rudraksha in Hindi): तेरह मुखी रुद्राक्ष वैवाहिक दंपतियों के लिए बेहद अहम माना गया है क्यूंकि इसे धारण करने से कामदेव व रति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह रुद्राक्ष निसंतान दंपतियों को संतान प्रदान करता है।

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बारहमुखी रुद्राक्ष

बारहमुखी रुद्राक्ष को बारह पंथो से जोड़ कर देखा जाता है। इस रुद्राक्ष का वर्णन श्रीमद देवी भागवत पुराण में भी मिलता है। 
बारह मुखी रुद्राक्ष का स्वामी ग्रह: इसके देवता बारह आदित्य अर्थात बारह सूर्य हैं। 
द्वादश मुखी रुद्राक्ष का बीज मंत्र “ऊं क्रौं क्षौं रौं सूर्य नम:” (ओम Crome Sraum Raum Surya नमः) है। यह रुद्राक्ष कोई भी धारण कर सकता है लेकिन जिन जातकों की कुंडली में सूर्य निम्न हो उनके लिए यह अतिशुभ होता है। 
बारह मुखी रुद्राक्ष के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ Barah मुखी रुद्राक्षा इन हिन्दी): संतान सुख, शिक्षा, धन, ऐश्वर्य, ख्याति आदि सभी भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए बारह मुखी रुद्राक्ष को बेहद महत्व दिया जाता है।


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ग्यारह मुखी

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को साक्षात शिव का रुद्र रूप माना गया है। इस बेहद चमत्कारिक रुद्राक्ष को संतान प्राप्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। 
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के लिए “ऊँ ह्रीं हुं नम:” (ओम ह्रीं हम नमः) बीज मंत्र का जाप करें। इसे सोमवार, शुक्रवार या एकादशी के दिन ही धारण करना चाहिए। 
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को पहनने के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ ग्यारह मुखी रुद्राक्षा इन हिन्दी): * जिन महिलाओं को संतान ना हो रही हो, घर में भूत-प्रेत की बाधा हो, रोग से परेशानी हो, पति की तबियत खराब रहती हो, उन्हें इसे धारण करने की सलाह दी जाती है।
* इसे धारण करने वाले जातक को हनुमान जी की कृपा हासिल होती है।
*भगवान इन्द्र का प्रतीक माने जाने वाले इस रुद्राक्ष को किसी भी वर्ग, जाति या राशि के जातक बिना भेदभाव धारण कर सकते हैं।