चन्द्रमा के औज से परिपूर्ण और माता पार्वती का विशेष आशीष लिए गौरी गणेश रुद्राक्ष निसंतान दंपतियों के लिए एक वरदान माना जाता है। इसकी आकृति कुछ ऐसी होती है जैसे एक रुद्राक्ष के ऊपर एक छोटा रुद्राक्ष उगा हो। इसे भगवान गणेश के माता पार्वती की गोद में बैठे होने का प्रतीक माना जाता है। इस रुद्राक्ष को कई जगह गर्भ गौरी रुद्राक्ष (गर्भ गौरी रुद्राक्षा) के नाम से भी जाना जाता है।
गर्भगौरी रुद्राक्ष के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ गौरी गणेशा रुद्राक्षा इन हिन्दी): बार-बार गर्भपात, गर्भ ना ठहरने जैसी समस्याओं में इस रुद्राक्ष के चमत्कारी परिणाम देखने को मिलते हैं। इस रुद्राक्ष को शुक्ल पक्ष को सोमवार के दिन प्रात:काल पूजा पाठ के बाद अभिमंत्रित कर धारण करना चाहिए।
http://www.sowbhagyarudraksha.com/
गर्भगौरी रुद्राक्ष के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ गौरी गणेशा रुद्राक्षा इन हिन्दी): बार-बार गर्भपात, गर्भ ना ठहरने जैसी समस्याओं में इस रुद्राक्ष के चमत्कारी परिणाम देखने को मिलते हैं। इस रुद्राक्ष को शुक्ल पक्ष को सोमवार के दिन प्रात:काल पूजा पाठ के बाद अभिमंत्रित कर धारण करना चाहिए।
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