Saturday, November 29, 2014

दसमुखी रुद्राक्ष

दसमुखी रुद्राक्ष को भगवान विष्णु के दसावतारों से जोड़ कर देखा जाता है। मान्यता है कि इसमें साक्षात विष्णु का अंश होता है। अत: इस रुद्राक्ष को धारण करने से भगवान विष्णु की कृपा होती है। 
दसमुखी रुद्राक्ष का बीज मंत्र “ऊँ ह्रीं नम:” (ओम ह्रीं नमः) है। 
दस मुखी रुद्राक्ष को पहनने के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ दुस् मुखी रुद्राक्षा इन हिन्दी): भगवान विष्णु का प्रतीक यह रुद्राक्ष द्वारा भूत-प्रेत बाधा, जादू-टोनों से मुक्ति दिलाता है। 
* इसे धारण करने वाले जातक को यम भी नरक नहीं ले जा पाते। 
* यह रुद्राक्ष श्री हरि के साथ माता लक्ष्मी और देवी गंगा की कृपा भी धारण करने वाले को दिलाता है।

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नौ मुखी रुद्राक्ष

मां दुर्गा के नौ रूप हैं और नौ मुखी रुद्राक्ष उनके हरेक रूप की व्याख्या करता है।
नौ मुखी रुद्राक्ष के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ नौ मुखी रुद्राक्षा इन हिन्दी): इस रुद्राक्ष को जो जातक धारण करता है उसपर माता की दृष्टि रहती है और वह राहु-केतु के कुप्रभावों से सदा बचा रहता है। इसे बाएं यानि लेफ्ट हेंड पर पहनना शुभ होता है। श्री यंत्र की पूजा के समय इसे धारण करने से अपार सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। 
“ऊँ ह्रीं हुं नम:” (ओम ह्रीं हम नमः) के उच्चारण द्वारा नौ मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से नव शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


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आठ मुखी रुद्राक्ष

आठ मुखी रुद्राक्ष आठ दिशाओं और आठ सिद्धियों का नेतृत्व करता है। इसे पहनने से गंगा में नहाने जैसा पुण्य मिलता है। आठ मुखी रुद्राक्ष (एट मुखी रुद्राक्षा) का स्वामी ग्रह राहु है। जिन लोगों को राहु की दशा की वजह से परेशानियों हो रही हों उन्हें इसे धारण करने से सफलता और शांति मिलती है। 
मंत्र: आठ मुखी रुद्राक्ष के लिए “ऊँ हुं नम:” (ओम हम नमः) मंत्र का जाप करना चाहिए। 
आठ मुखी रुद्राक्ष को पहनने के फायदे (बेनिफिट्स आंड एफेक्ट्स ऑफ 8 मुखी रुद्राक्षा): मान्यता है कि पूरे विधि-विधान और पवित्र कर पहने गए इस रुद्राक्ष से भैरव बाबा प्रसन्न होते हैं। इसको धारण करने से भय और अकाल मृत्यु का डर मन से पूरी तरह निकल जाता है। इसे सोमवार, अमावस्या या पूर्णिमा के दिन पहनना शुभ माना जाता है। 

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सात मुखी रुद्राक्ष

सात मुखी रुद्राक्ष को कामदेव का रूप माना गया है। यह सर्वाधिक सुगम रुद्राक्षों में से एक है। 
मकर और कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं इसलिए दोनों राशि के जातकों के लिए सात और चौदह मुखी रुद्राक्ष को पहनना शुभ बताया गया है। 
मंत्र: सप्त मुखी रुद्राक्ष को धारण और उसकी शुद्धि लिए “ऊँ हुं नम:” (ओम हम नमः) मंत्र का जाप करें। 
सात मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ सात मुखी रुद्राक्षा इन हिन्दी): * जो लोग कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंसे हो या जो शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैया या शनि की महादशा से प्रभावित हैं उनके लिए यह रुद्राक्ष एक बेहद उपयोगी है। 
* इस रुद्राक्ष की एक अन्य खासियत यह है कि अगर इसका सही ढ़ंग से ख्याल रखा जाए तो यह कई सालों तक सही सलामत रहता है। 
* महामृत्युंजय जाप करते हुए इस रुद्राक्ष की माला को धारण करना बेहद शुभ होता है।

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छह मुखी रुद्राक्ष

रुद्राक्ष कई मुखों वाले होते है और इनमें से एक अहम रुद्राक्ष छह मुखी रुद्राक्ष (सिक्स फेस्ड रुद्राक्षा बीड्स) है। इस रुद्राक्ष को भगवान कार्तिकेय का रूप माना गया है। 
वृषभ और तुला राशि के जातकों को छह मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना गया है।
मंत्र: षष्ठ मुखी रुद्राक्ष को धारण करते समय “ऊँ ह्रीं हुं नम:” (ओम ह्रीं हम नमः) मंत्र का लगातार उच्चारण करते रहें।
छह मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ च्छहा मुखी रुद्राक्षा इन हिन्दी): दांपत्य जीवन में प्रेम की कमी, तलाक से बचने, प्रेम विवाह में सफल होने, संगीत कला में माहिर होने आदि के लिए यह रुद्राक्ष बेहद अहम माना गया है।

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पंचमुखी रुद्राक्ष

धार्मिक पुराणों के अनुसार मान्यता है कि पंचमुखी रुद्राक्ष में भगवान शिव की सभी शक्तियां समाहित होती है। यह सभी सिद्धियों की प्राप्ति और पापों से मुक्ति दिलाता है। इस रुद्राक्ष (पांच मुखी रुद्राक्षा) का स्वामी ग्रह गुरु होता है। इस धरा के पंच तत्व और पांच पांडव इस रुद्राक्ष के देव माने गए हैं। यह रुद्राक्ष धनु राशि और मीन राशि के जातक धारण कर सकते हैं। 
पंच मुखी रुद्राक्ष का मंत्र “ऊँ ह्रीं नम:” है। 
पंचमुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ पांच मुखी रुद्राक्षा): इस रुद्राक्ष को धारण करने से मान सम्मान और धन की प्राप्ति होती है। इसके कम से कम तीन दाने अवश्य धारण करने चाहिए। 

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चार मुखी रुद्राक्ष

चार मुखी रुद्राक्ष को स्वंय ब्रह्मा जी का स्वरूप माना गया है। जिस तरह भगवान ब्रह्मा सर्व वेदों के ज्ञाता है उसी तरह इस रुद्राक्ष को धारण करने वाले जातक के जीवन में भी शिक्षा प्राप्ति के सभी राह खुल जाते हैं। चार मुखी रुद्राक्ष मिथुन राशि के लिए शुभ होता है। चतुर्मुखी रुद्राक्ष के लिए “ऊँ ह्रीं नम:” (ओम ह्रीं नमः) मंत्र का जाप करें। चौमुखी रुद्रा पहनने के फायदे (बेनिफिट्स ऑफ चार मुखी रुद्राक्षा इन हिन्दी): यह रुद्राक्ष ज्ञान और संतान प्राप्ति की चाह रखने वाले जातकों के लिए बेहद शुभ होता है। जिन जातकों को शिक्षा प्राप्ति में परेशानी आ रही हो उन्हें यह रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए।


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